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गणित में कमजोर छात्र क्या करें?

42 सालों से ज्यादा गणित पढ़ाने के अनुभव को साक्षी रखकर मैं आज यह बता सकता हूं की गणित में कमजोर या गणित की कमजोरी को बड़े आसानी के साथ चरणबद्ध तरीके से दूर किया जा सकता है| यह भी सच है कि गणित में हर कमजोर छात्र, अपनी कमजोरी को दूर करने के लिए, अपने स्तर पर प्रयास अवश्य करता है लेकिन सही दिशा नहीं होने के कारण; कुछ दिनों में थक हार कर छोड़ देता है और यह मान लेता है कि गणित उसके बस की बात नहीं है|

गणित के बेसिक का सही अवधारणा नहीं होना

गणित में कमजोरी किसी भी आयु में हो सकता है| चाहे किसी की कमजोरी प्राइमरी क्लास से ही हो या किसी की कमजोरी सेकेंडरी क्लास में होती है तो किसी की कमजोरी सेकेंडरी के बाद भी हो जाती है| गणित में कमजोरी का मुख्य कारण जो है वह गणित के प्रति भय और गणित की बेसिक अवधारणा का पता नहीं होना या ज्ञान नहीं होना|

गणित के कमजोरी दूर करने का प्रैक्टीकल एप्रोच

गणित के कमजोरी को दूर करने के लिए मैं किसी सैद्धांतिक विधि की बारे में बात नहीं करूंगा बल्कि उन बातों पर चर्चा करूंगा जिसे मैंने प्रैक्टिकल रूप में आजमाया है और बहुत ही संतोषजनक फल पाया है|
गणित के किसी भी स्तर के कमजोरी को 2 प्रैक्टिकल प्रयास के द्वारा दूर किया जा सकता है और यह बात सब के लिए अर्थात सब आयु वर्ग के लिए सत्य है|

1) गणित में इंटरेस्ट (Interest) को बढ़ाने का प्रक्रिया
2) गणित की शुरुआत कहां से करें इस तथ्य पर समुचित ज्ञान

गणित का महत्व ही है गणित को इंटरेस्टिंग (Interesting) बनाना

रोजाना जीवन में हम सर किसी ना किसी प्रकार के गणित का इस्तेमाल करते हैं- जैसे घड़ी देखकर समय बताना; किसी वस्तु को खरीदते समय कितना दाम हुआ इसका हिसाब करना (जैसे अगर आलू ₹12 प्रति किलो है तो2.5 किलो आलू का दाम कितना हुआ?) गणित में शुरुआत अंकगणित से होता है- और हमारे दैनिक जीवन में, इसका भरपूर इस्तेमाल करना पड़ता है|

2 दिन में बेसिक बीज गणित

इस कारण अंकगणित को समझने के लिए अगर अंकगणित के कुछ सवालों को दैनिक जीवन के वस्तुस्थिति के साथ जोड़ दिया जाए तो यह छात्र के लिए अत्यंत इंटरेस्टिंग हो जाता है| आगे चलकर हम इस विषय पर थोड़ा विस्तृत चर्चा करेंगे जिससे कि आप भी इस से भरपूर लाभ उठाते हुए अपने गणित आकर्षण पैदा कर सकें; क्योंकि जब गणित आपके आकर्षण का केंद्र होगा तभी आप गणित को अच्छी तरह समझ भी पाएंगे, सीख भी पाएंगे|

पहले एक वस्तु स्थिति को अच्छी तरह समझ ले| जब तक गणित आपके लिए बोर्डिंग सब्जेक्ट होगा तब तक आप गणित किसी भी तरह से सीख नहीं पाएंगे| अतः गणित सीखने के प्रयास से कहीं ज्यादा जरूरी है पहले चरण में, गणित आपके लिए इंटरेस्टिंग वस्तु हो जाए| और मेरे अनुसार यह पहला और सबसे महत्वपूर्ण शर्त है|

गणित को Interesting बनाने के लिए एक साथी की जरुरत

गणित के बेसिक में महारत हासिल करने के लिए मैं जिस विधि का अभी आप से चर्चा करूंगा, मेरा दावा है- आपने यह कभी ना सुना होगा, ना होते हुए देखा होगा। मगर यह एक चमत्कारी ताकत की तरह है, और यह इतना सहज और सरल है कि आप की गणित की समस्या को यह अत्यंत कम समय में दूर कर देगा।

2 दिन में बेसिक त्रिकोणमिति की तैयारी

गणित के खेल का साथी कौन बन सकता है?

अगर आपके क्लास का कोई सहपाठी जो आपकी तरह गणित में कमजोर हैं वह अगर आपके साथ इस खेल में शरीक होता है तो काफी अच्छा होता है। और अगर आप तीन जन का ग्रुप बनाते हैं जिसमें आपका तीसरा सहपाठी गणित में तेज तरार या मध्यम है तो यह स्थिति अति उत्तम हो जाता है।

आपके माता पिता या आपके दीदी या भैया इन लोगों को भी आप अपने ग्रुप में शामिल कर सकते हैं जिससे आप सभी सहपाठियों को सीखने का मनोबल और भी बढ़ जाता है और मैं इस स्थिति को ज्यादा से ज्यादा प्रेफर करता हूं।

Ganit me Kamjor Chhatra kya karey –इस समस्या का सम्पूर्ण समाधान इस खेल में छुपा है, अतः इसे हल्के में नहीं लें।

गणित के बेसिक के खेल का क्लास स्तर के अनुसार वर्गीकरण

गणित के कमजोरी को दूर करना का अर्थ होता है गणित के बेसिक के अवधारणा का सुस्पष्टता होना और छात्र या छात्राएं जिस क्लास में है उसके अनुसार इस खेल को खेला जाता है और अत्यंत कम समय में या कहे तो पलक झपकते गणित में संपूर्ण इंटरेस्ट या आकर्षण लौट आता है और गणित एकदम सहज हो जाता है और सबसे बड़ी बात है इसमें कोई अनावश्यक ना खर्च होता है ना समय की कोई बर्बादी होती है। चलिए क्लास स्तर के हिसाब से इस खेल का वर्गीकरण कर ले।

1) क्लास 5 तक खेल विधि

2) क्लास 6 से 10 तक खेल विधि

3) क्लास 12 तक खेल विधि

4) प्रतियोगिता परिक्षाओं के तैयारी वक्त खेल विधि

गणित की शुरुआत कहां से करें इस तथ्य पर समुचित ज्ञान

इस खेल को शुरू करने के पहले, इस खेल में भाग लेने वाले छात्र एवं छात्राओं को को सबसे पहले यह तय करना जरुरत होता है कि इस खेल को किस लेवल से शुरू किया जाए और किस अध्याय से शुरू किया जाए। हमने ऊपर एक वर्गीकरण किया है लेकिन हो सकता है की क्लास 10वीं में पढ़ने वाला छात्र इतना कमजोर है कि क्लास पांचवी के गणित के बेसिक को भी ठीक से हल नहीं कर सकता है; इस स्थिति में इस बेसिक के खेल को नीचे के क्लास से शुरू करना होगा जिसका विशद वर्णन हम आगे चलकर करेंगे।

गणित के बेसिक के इस खेल का मूल मंंत्र क्या है?

1) गणित का यह खेल अध्यायवार अर्थात चैप्टर दर चैप्टर होता है। अंक गणित में क्लास 10 तक करीब 16 मूल चैप्टर होते हैं।


2) प्रत्येक चैप्टर के मूल अवधारणा के ऊपर कुछ मूल सवाल तैयार किए जाते हैं जिसका वर्णन अलग से नीचे लिंक में दिया गया है।

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3) चैप्टर की मूल अवधारणा के ऊपर दिए गए मूल सवाल के आधार पर इस खेल में भाग लेने वाले प्रत्येक छात्र को 10 संयोजित सवाल खुद बनाने पड़ते हैं जिसे प्रतिपक्ष को पूछा जाता है और अगर प्रतिपक्ष सही जवाब नहीं दे पाता है तो जो सवाल पूछता है उसे ही सही जवाब खुद के तर्क के साथ देना पड़ता है।


4) इस खेल में प्रत्येक सवाल का सही जवाब देने पर 1 मार्क्स मिलता है और वही गलत जवाब देने पर 1 मार्क्स कट जाता है।


5) जब अगले पेज पर मूल अवधारणा पर आधारित मूल सवाल को देखेंगे तो आपको पता चल जाएगा कि यह संयोजित सवाल किस तरह से उस चैप्टर के बेसिक कंसेप्ट को एकदम क्लियर कर देता है।


6) इस खेल में उत्तम स्थिति तब होता है जब कोई गणित का तेज तरार साथी इस खेल में जज के रूप में भाग लेता है और उसका फैसला अंतिम फैसला होता है।


आशा करता हूं कि उपरोक्त वर्णन आपको इस खेल का एक प्रारंभिक प्रारूप का ज्ञान हो गया होगा। विस्तृत वर्णन हम आगे चलकर करेंगे।