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तरंग गति (Wave Motion)

 यांत्रिक तरंग(Mechanical Waves) दो प्रकार- अनुप्रस्थ तरंग (Transverse Waves),  अनुदैर्ध्य तरंग(Longitudinal Waves)

 जब किसी माध्यम में तरंग गति की दिशा माध्यम के कणों के कंपन करने की दिशा में समानांतर होती है तो इस प्रकार की तरंग को अनुदैर्ध्य तरंग(Longitudinal Waves) कहते हैं| उदाहरण स्वरूप-- वायु में उत्पन्न तरंगें, भूकंप में उत्पन्न तरंगें, स्प्रिंग में उत्पन्न तरंगें 

गैस में तरंगे उत्पन्न की जा सकती है---- केवल अनुदैर्ध्य तरंग(Longitudinal Waves) 

 सितार की  तार से तरंगे उत्पन्न होती है-- अनुप्रस्थ तरंगे(Transverse Waves)

विद्युत चुंबकीय तरंगें (Electromagnetic waves)

 इनके संचरण के लिए माध्यम की आवश्यकता नहीं होती है|  यह तरंगे निर्वात(Vacuum) में चल सकती है| प्रकाश की गति से चलती है तथा अनुप्रस्थ प्रकार(Transverse Type) की होती है|  प्रकाश विद्युत चुंबकीय तरंगों के (Electro magnetic waves) रूप में संचारित होता है|

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रात्रि दृष्टि उपकरण में प्रयोग किया जाता है------  अवरक्त तरंगों(Infra-red waves) का

 आंतो के रोगों के निदान में उपयोग किया जाता है-- एक्स किरण(X-rays) का

 सीटी स्कैन करने में प्रयोग लाई जाती है--  एक्स किरण(X-rays)

 क्रिस्टल की संरचना जानने के लिए प्रयुक्त होगी--  एक्स किरणे(X-rays)

ध्वनि तरंगे होती है- अनुदैर्ध्य तरंगें (Longitudinal waves)

 आवृत्ति(Frequency) के आधार पर ध्वनि तरंगें तीन प्रकार की होती हैं

  1.  श्रव्य तरंगे (Audible Waves)
  2.  अवश्रव्य तरंगे (Infrasonic Waves)
  3. पराश्रव्य तरंगें (Ultrasonic Waves)

 20 Hertz से 20000 Hertz वाली तरंगें कहलाती है-- श्रव्य तरंगे (Audible Waves)

20 Hertz से नीचे की आवृत्ति वाले ध्वनि तरंगों को कहते हैं- अवश्रव्य तरंगे (Infrasonic Waves)

20000 Hertz से अधिक आवृत्ति वाले ध्वनि तरंगों को कहते हैं-पराश्रव्य तरंगें (Ultrasonic Waves) 

मनुष्य सिर्फ  श्रव्य तरंगे (Audible Waves)  को केवल सुन सकता है जबकि कुछ जानवर जैसे कुत्ता बिल्ली चमगादर इत्यादि पराश्रव्य तरंगों को सुन सकते हैं 

पराश्रव्य तरंगें (Ultrasonic Waves) का उपयोग--  संकेत भेजने, समुद्र की गहराई ज्ञात करने, गठिया रोग में,  मस्तिष्क का ट्यूमर का पता करने मैं इत्यादि|

SONAR में कौन सी तरंग का उपयोग होता है--पराश्रव्य तरंगें (Ultrasonic Waves)

किसी माध्यम में ध्वनि की चाल निर्भर करती है-  माध्यम की प्रत्यास्थता(Elasticity) और घनत्व (Density)पर

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जब ध्वनि एक माध्यम से दूसरे माध्यम में जाती है तो ध्वनि की चाल (Velocity) एवं तरंगदैर्ध्य(Wavelength) बदल जाती है परंतु उसकी आवृत्ति (Frequency)अपरिवर्तित रहती है 

विभिन्न माध्यम में ध्वनि की चाल होती है--- अलग अलग

 एक पूर्णतः दृढ़ छड़ में ध्वनि का वेग होगा- अनंत

ध्वनि की चाल का मान सबसे अधिक होता है-ठोस में

ध्वनि का गमन नहीं होता है  ---निर्वात(Vacuums) में

हल्की गैस में ध्वनि की चाल भारी गैस से  होता है       अधिक

माध्यम का ताप बढ़ने से ध्वनि की चाल का मान  जाता है    बढ़

वायु में 1 डिग्री सेल्सियस ताप बढ़ने पर ध्वनि का  चाल 0.61 मीटर प्रति सेकंड बढ़ जाता है

 दाब के मान में वृद्धि या कमी होने पर गैस में ध्वनि की चाल का मान ----  अपरिवर्तित रहता है

 वायुयान की चाल को मापा जाता है--   मैक संख्या से

जब किसी माध्यम में वस्तु की चाल ध्वनि की चाल के बराबर होगी तो मैक संख्या का मान एक होगा। पराध्वनिक Supersonic  यान की मैक संख्या एक से अधिक होती है एवं यह संख्या 5 से अधिक है तो वायुयान की चाल अतिपराध्वनिक Hypersonic होगी

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ध्वनि के 3 लक्षण होते हैं--  तीव्रता, तारत्व तथा गुणता

ध्वनि के किस लक्षण के कारण हम उसे धीमी अथवा तेज सुन पाते हैं-- तीव्रता (Intensity)  के कारण

 ध्वनि के किस लक्षण के कारण मोटी आवाज या पतली आवाज कहते हैं- तारत्व (Pitch) 

किसके कारण समान तीव्रता और समान   तारत्व (Pitch) की ध्वनियों में भी अंतर प्रतीत होता है-- गुणता(Quality)

मोटी आवाज का तारत्व(Pitch) कम और पतली आवाज का तारत्व (Pitch)ज्यादा होता है

 प्रतिध्वनि (Echo) का कारण है-- ध्वनि का परावर्तन(reflection)

 किसी भी ध्वनि का प्रभाव हमारे कानों में रहता है- 1/10  सेकंड

प्रतिध्वनि (Echo) सुनाई देने के लिए श्रोता एवं परावर्तक सतह के बीच न्यूनतम दूरी होनी चाहिए-- 16.6 मीटर

सिनेमा हॉल की दीवारों पर थर्माकोल का प्रयोग किया जाता है-- अनुरणन (Reverberation) से बचाव के लिए

 संगीत के कारण खिड़की के शीशे का टूटना या सैनिकों के एक ताल में पैरेड करने से पूल का टूट जाना घटित होता है --अनुनाद(Resonance) के कारण 

रेडियो के कार्य करने का सिद्धांत आधारित होता है--- विद्युत चुंबकीय अनुनाद(Electro magnetic resonance)

दिन की अपेक्षा रात में ध्वनि का दूर तक सुनाई देना---  ध्वनि का अपवर्तन(refraction) के कारण

बंद कमरों में भी ध्वनि का सुनाई देने का कारण है-  ध्वनि का विवर्तन

नजदीक के रेडियो स्टेशन का भी प्रसारण कभी-कभी साफ नहीं सुनाई देता है कारण है-- विनाशी व्यतिकरण(Destructive Interference)

समुद्र में साइलेंस जोन अर्थात नीरव क्षेत्र का होना---विनाशी व्यतिकरण(Destructive Interference) 

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